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खाओ

eat

खाओ-उड़ाओ

extravagant, prodigal, spendthrift

खाओ खिलाओ

جو اپنے پر بھی مال خرچ کرے اور دوسروں پر بھی ، اوروں و مال کھلانے والا ، سخی .

खाओ तो कद्दू से , ना खाओ तो कद्दू से

(ओ) यही है खाओ तो ना खाओ तो यानी खाओ या ना खाओ हमें कुछ पर्वा नहीं

खाओ पियो घर आपने, रहो हमारे संग

ख़र्च अपना करो और काम हमारा करो, ख़ुदग़रज़ आदमी के मुताल्लिक़ कहते हैं जो काम निकाल लेता है मगर देता दिलाता कुछ नहीं

खाओ पियो घर आपने, रहो हमारे साथ

ख़र्च अपना करो और काम हमारा करो, ख़ुदग़रज़ आदमी के मुताल्लिक़ कहते हैं जो काम निकाल लेता है मगर देता दिलाता कुछ नहीं

खाओ मन भाता पहनो जग भाता

खाना अपनी पसंद का अच्छा होता है और कपड़ा दूसरे की पसंद का, खाना अपनी इच्छानुसार खाना चाहिए और परिधान फ़ैशन के अनुसार

संख्या खाओ

दूर हो, जो चाहे सौ करो

ख़ुश्का खाओ

۔جب کوئی شخص بیجا خواہش کرتا ہے اس وقت کہتے ہیں خشکہ کھاؤ یعنی جاؤ رخصت ہو۔ ؎

ख़ुश्का खाओ

रुख़सत हो, चलो, हटो, धमीक्यां ना दो

गर्म खाओ

अभी लो

फटी खाओ

leave, go away, get lost

फटा-खाओ

get lost

जाओ ख़ुश्का खाओ

(संकेतात्मक) तुम्हारा ऐसा मुँह नहीं कि तुम को यह चीज़ मिले, चलते बनो

जाओ ख़ुश्का खाओ

۔(کنایۃً) تمھارا ایسا منہ نہیں کہ تم کو یہ چیز ملے۔ ؎

ज़रा ख़ुश्का खाओ

चलते फ़िरते नज़र आओ

मूंड दिया माँग खाओ

चेला बना लिया जाओ माँगो और खाओ, साधू चेले को कहता है

आम बोओ आम खाओ, इमली बोओ इमली खाओ

जैसा करोगे वैसा पाओगे

हमारा हल्वा खाओ

(ओ)किसी को क़सम खिलाने के लिए ये फ़िक़रा कहती हैं, यानी अगर हमारा कहाना माने तो हमें मिरा हुआ देखे

बेटा खाओ

جس کی زندگی میں اس کا بیٹا مر جائے

घास खाओ

जब कोई गाहक बहुत सस्ती चीज़ माँगे, तो दुकानदार उसके जवाब में कहता है, मतलब यह होता है कि तो इसकी क़द्र क्या जाने

हमारी भित्ती खाओ

क़सम दिलाने को कहते हैं हमारी अर्थी का भोजन हमारा मृतक देखे

मूंडो दिया माँग खाओ चेला

चेला बना लिया जाओ माँगो और खाओ, साधू चेले को कहता है

ठंडी-ठंडी हवा खाओ

चुप चाप चले जाओ, अपना रास्ता लो

तुम ही ग़म खाओ

तुम ही जाने दो, तहम्मुल करो, दरगुज़र करो (उमूमन लड़ने वाले लोगों में बीच बचाओ कराने वाले कहते हैं

सर खाओ

दफ़ान हो, ऐसी तैसी में जा, प्रिय सरको, जहन्नुम में जाओ

हवा खाओ

दूर हो, भागो और जाओ, चले जाओ, चंपत बनो, भाग जाओ, चलते बनो

पनीर के साथ ख़ुश्का खाओ

अपना काम करो और ख़ुश रहो, अपने काम से काम रखो, अपने रास्ते पर जाओ

ख़ुश्का खाओ पनीर के साथ

चूँकि अनुचित बात का ये जवाब होता है इसलिए पनीर और ख़ुशका (सादा उबला हुआ चावल) अर्थात बे-मेल चीज़ों का नाम लिया जाता है, ख़ुद कमाओ ख़ुद मज़े से खाओ, चलो हटो, सरको, अपना रास्ता लो, बिदा हो, चंपत हो,

ख़ुश्क खाओ पनीर के साथ

۔اپنا راستہ لو۔ رخصت ہو چمپت ہو چونکہ بے محل بات کا یہ جواب ہوتا ہے اس سبب سے پنیر اور خشکہ بے میل چیزوں کا نام لیا جاتا ہے۔

पनीर के साथ ख़ुनका खाओ

۔ اپنی راہ لو۔ اپنا کام کرو۔ خوش رہو۔

आम खाओ पेड़ मत गिनो

Don't question your good fortune

इतना नफ़ा' खाओ जितना आटे में नोन

अधिक मुनाफ़ा' खाना या अधिक लाभ लेना ठीक नहीं

काल कढ़ाओ, किसान का खाओ

अकाल और सूखा किसान के लिए विनाश का कारण है

काल कढ़ाओ, किसान को खाओ

अकाल और सूखा किसान के लिए विनाश का कारण है

इतना खाओ जितना आटे में नमक

अधिक लाभ न ले, ग़बन हो कर भी तो इतना कि छुप सके

घर भी बैठो, और जान भी खाओ

निख़ट्टू व्यक्ति घर में रह कर घर वालों को तंग करता रहता है

फूहड़ का माल हँस हँस खाओ

मूर्ख का माल चापलूस हँस-हँस कर खाते हैं

सर न खाओ

पीछे न पड़ो, जाओ अपना रस्ता लो

अपना सर खाओ

do as you please

उधेड़ के रोटी न खाओ तंगी होती है

उधेड़ कर रोटी का खाना बुरा समझा जाता है, रोटी का छिलका नहीं उतारना चाहिए

उधेड़ के रोटी न खाओ नंगी होती है

उधेड़ कर रोटी का खाना बुरा समझा जाता है, रोटी का छिलका नहीं उतारना चाहिए

भोजला पहाड़ी के पत्थर खाओ

यहां खाने की कोई चीज़ नहीं अगर हाज़मा क़वी है तो भोजला पहाड़ी का पत्थर हाज़िर है

चूनी भी कहे मुझे घी से खाओ

साधारण आदमी का स्वयं को असाधारण एवं बड़ा दर्शाना, अपने पद से बढ़ कर दावे करना, अपनी हैसियत से अधिक दिखाना, अयोग्य हो कर भी योग्य बनना

रोटी वहाँ खाओ तो पानी यहाँ पियो

जल्द वापस आने के लिए बल देते समय बोलते हैं

घी भी खाओ और पगड़ी भी रखो

अच्छे खाने में ख़र्च करो मगर इतना कि पहनने के लिए भी बचे और सम्मान भी बना रहे

खाना वहाँ खाओ तो पानी यहाँ पियो

जल्द वापस आने के लिए बल देते समय बोलते हैं

खाना वहाँ खाओ तो पानी यहाँ पियो

जल्द वापस आने के लिए बल देते समय बोलते हैं

खाना वहाँ खाओ तो पानी यहाँ पीना

जल्द वापस आने के लिए बल देते समय बोलते हैं

खाना वहाँ खाओ तो पानी यहाँ पियो

जल्द वापस आने के लिए बल देते समय बोलते हैं

जिस का खाओ उसी पर ग़ुर्राओ

रुक : जिस का खाना इस पर गिराना

मेरा हल्वा खाओ जो न आओ

(अविर) क़सम है जल्द आने की, अगर जल्द ना आओ तो में मर जाऊं और मेरी फ़ातिहा का हलवा खाओ

आदर न भाव झूटे माल खाओ

कोई नीच व्यक्ति या कमीना अगर बेईमानी करे तो उसके सम्मान पर कोई असर नहीं पड़ेगा

गई जवानी फिर न बाहो रे लाख मलीदा खाओ

जवानी एक दफ़ा जाकर नहीं आती चाहे कुछ करो

खाना वहाँ खाओ तो हाथ यहाँ धोओ

रुक : खाना वहां खाओ तो पानी यहां पियो

आदर न भाव , झूटे माल खाओ

a disgraced person has no problem with corruption

जिस थाल में खाओ उसी में सूराख़ करो

रुक : जिस पत्तल में खाईं इसी में छेद करें

गई जवानी फिर न बाहोरे लाख मलीदा खाओ

जवानी एक दफ़ा जा कर फिर नहीं आती चाहे कुछ करो / ख़ाह कैसी ही ग़िज़ा खाओ

गई जवानी फिर न बाहोरे लाख मलीदा खाओ

जवानी एक दफ़ा जा कर फिर नहीं आती चाहे कुछ करो / ख़ाह कैसी ही ग़िज़ा खाओ

चूरा झाड़ खाओ लड्डू न तोड़ो

असल को बर्बाद नहीं करना चाहिये उस की आमदनी खानी चाहिये

हिन्दी, इंग्लिश और उर्दू में खाओ के अर्थदेखिए

खाओ

khaa.oکھاؤ

वज़्न : 22

देखिए: खाना

English meaning of khaa.o

Verb

  • eat

کھاؤ کے اردو معانی

  • Roman
  • Urdu

فعل

  • کھانا (رک) کا فعلِ امر ؛ مرکبات و محاورات میں مستعمل .

Urdu meaning of khaa.o

  • Roman
  • Urdu

  • khaanaa (ruk) ka phaul-e-amar ; murakkabaat-o-muhaavaraat me.n mustaamal

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खाओ

eat

खाओ-उड़ाओ

extravagant, prodigal, spendthrift

खाओ खिलाओ

جو اپنے پر بھی مال خرچ کرے اور دوسروں پر بھی ، اوروں و مال کھلانے والا ، سخی .

खाओ तो कद्दू से , ना खाओ तो कद्दू से

(ओ) यही है खाओ तो ना खाओ तो यानी खाओ या ना खाओ हमें कुछ पर्वा नहीं

खाओ पियो घर आपने, रहो हमारे संग

ख़र्च अपना करो और काम हमारा करो, ख़ुदग़रज़ आदमी के मुताल्लिक़ कहते हैं जो काम निकाल लेता है मगर देता दिलाता कुछ नहीं

खाओ पियो घर आपने, रहो हमारे साथ

ख़र्च अपना करो और काम हमारा करो, ख़ुदग़रज़ आदमी के मुताल्लिक़ कहते हैं जो काम निकाल लेता है मगर देता दिलाता कुछ नहीं

खाओ मन भाता पहनो जग भाता

खाना अपनी पसंद का अच्छा होता है और कपड़ा दूसरे की पसंद का, खाना अपनी इच्छानुसार खाना चाहिए और परिधान फ़ैशन के अनुसार

संख्या खाओ

दूर हो, जो चाहे सौ करो

ख़ुश्का खाओ

۔جب کوئی شخص بیجا خواہش کرتا ہے اس وقت کہتے ہیں خشکہ کھاؤ یعنی جاؤ رخصت ہو۔ ؎

ख़ुश्का खाओ

रुख़सत हो, चलो, हटो, धमीक्यां ना दो

गर्म खाओ

अभी लो

फटी खाओ

leave, go away, get lost

फटा-खाओ

get lost

जाओ ख़ुश्का खाओ

(संकेतात्मक) तुम्हारा ऐसा मुँह नहीं कि तुम को यह चीज़ मिले, चलते बनो

जाओ ख़ुश्का खाओ

۔(کنایۃً) تمھارا ایسا منہ نہیں کہ تم کو یہ چیز ملے۔ ؎

ज़रा ख़ुश्का खाओ

चलते फ़िरते नज़र आओ

मूंड दिया माँग खाओ

चेला बना लिया जाओ माँगो और खाओ, साधू चेले को कहता है

आम बोओ आम खाओ, इमली बोओ इमली खाओ

जैसा करोगे वैसा पाओगे

हमारा हल्वा खाओ

(ओ)किसी को क़सम खिलाने के लिए ये फ़िक़रा कहती हैं, यानी अगर हमारा कहाना माने तो हमें मिरा हुआ देखे

बेटा खाओ

جس کی زندگی میں اس کا بیٹا مر جائے

घास खाओ

जब कोई गाहक बहुत सस्ती चीज़ माँगे, तो दुकानदार उसके जवाब में कहता है, मतलब यह होता है कि तो इसकी क़द्र क्या जाने

हमारी भित्ती खाओ

क़सम दिलाने को कहते हैं हमारी अर्थी का भोजन हमारा मृतक देखे

मूंडो दिया माँग खाओ चेला

चेला बना लिया जाओ माँगो और खाओ, साधू चेले को कहता है

ठंडी-ठंडी हवा खाओ

चुप चाप चले जाओ, अपना रास्ता लो

तुम ही ग़म खाओ

तुम ही जाने दो, तहम्मुल करो, दरगुज़र करो (उमूमन लड़ने वाले लोगों में बीच बचाओ कराने वाले कहते हैं

सर खाओ

दफ़ान हो, ऐसी तैसी में जा, प्रिय सरको, जहन्नुम में जाओ

हवा खाओ

दूर हो, भागो और जाओ, चले जाओ, चंपत बनो, भाग जाओ, चलते बनो

पनीर के साथ ख़ुश्का खाओ

अपना काम करो और ख़ुश रहो, अपने काम से काम रखो, अपने रास्ते पर जाओ

ख़ुश्का खाओ पनीर के साथ

चूँकि अनुचित बात का ये जवाब होता है इसलिए पनीर और ख़ुशका (सादा उबला हुआ चावल) अर्थात बे-मेल चीज़ों का नाम लिया जाता है, ख़ुद कमाओ ख़ुद मज़े से खाओ, चलो हटो, सरको, अपना रास्ता लो, बिदा हो, चंपत हो,

ख़ुश्क खाओ पनीर के साथ

۔اپنا راستہ لو۔ رخصت ہو چمپت ہو چونکہ بے محل بات کا یہ جواب ہوتا ہے اس سبب سے پنیر اور خشکہ بے میل چیزوں کا نام لیا جاتا ہے۔

पनीर के साथ ख़ुनका खाओ

۔ اپنی راہ لو۔ اپنا کام کرو۔ خوش رہو۔

आम खाओ पेड़ मत गिनो

Don't question your good fortune

इतना नफ़ा' खाओ जितना आटे में नोन

अधिक मुनाफ़ा' खाना या अधिक लाभ लेना ठीक नहीं

काल कढ़ाओ, किसान का खाओ

अकाल और सूखा किसान के लिए विनाश का कारण है

काल कढ़ाओ, किसान को खाओ

अकाल और सूखा किसान के लिए विनाश का कारण है

इतना खाओ जितना आटे में नमक

अधिक लाभ न ले, ग़बन हो कर भी तो इतना कि छुप सके

घर भी बैठो, और जान भी खाओ

निख़ट्टू व्यक्ति घर में रह कर घर वालों को तंग करता रहता है

फूहड़ का माल हँस हँस खाओ

मूर्ख का माल चापलूस हँस-हँस कर खाते हैं

सर न खाओ

पीछे न पड़ो, जाओ अपना रस्ता लो

अपना सर खाओ

do as you please

उधेड़ के रोटी न खाओ तंगी होती है

उधेड़ कर रोटी का खाना बुरा समझा जाता है, रोटी का छिलका नहीं उतारना चाहिए

उधेड़ के रोटी न खाओ नंगी होती है

उधेड़ कर रोटी का खाना बुरा समझा जाता है, रोटी का छिलका नहीं उतारना चाहिए

भोजला पहाड़ी के पत्थर खाओ

यहां खाने की कोई चीज़ नहीं अगर हाज़मा क़वी है तो भोजला पहाड़ी का पत्थर हाज़िर है

चूनी भी कहे मुझे घी से खाओ

साधारण आदमी का स्वयं को असाधारण एवं बड़ा दर्शाना, अपने पद से बढ़ कर दावे करना, अपनी हैसियत से अधिक दिखाना, अयोग्य हो कर भी योग्य बनना

रोटी वहाँ खाओ तो पानी यहाँ पियो

जल्द वापस आने के लिए बल देते समय बोलते हैं

घी भी खाओ और पगड़ी भी रखो

अच्छे खाने में ख़र्च करो मगर इतना कि पहनने के लिए भी बचे और सम्मान भी बना रहे

खाना वहाँ खाओ तो पानी यहाँ पियो

जल्द वापस आने के लिए बल देते समय बोलते हैं

खाना वहाँ खाओ तो पानी यहाँ पियो

जल्द वापस आने के लिए बल देते समय बोलते हैं

खाना वहाँ खाओ तो पानी यहाँ पीना

जल्द वापस आने के लिए बल देते समय बोलते हैं

खाना वहाँ खाओ तो पानी यहाँ पियो

जल्द वापस आने के लिए बल देते समय बोलते हैं

जिस का खाओ उसी पर ग़ुर्राओ

रुक : जिस का खाना इस पर गिराना

मेरा हल्वा खाओ जो न आओ

(अविर) क़सम है जल्द आने की, अगर जल्द ना आओ तो में मर जाऊं और मेरी फ़ातिहा का हलवा खाओ

आदर न भाव झूटे माल खाओ

कोई नीच व्यक्ति या कमीना अगर बेईमानी करे तो उसके सम्मान पर कोई असर नहीं पड़ेगा

गई जवानी फिर न बाहो रे लाख मलीदा खाओ

जवानी एक दफ़ा जाकर नहीं आती चाहे कुछ करो

खाना वहाँ खाओ तो हाथ यहाँ धोओ

रुक : खाना वहां खाओ तो पानी यहां पियो

आदर न भाव , झूटे माल खाओ

a disgraced person has no problem with corruption

जिस थाल में खाओ उसी में सूराख़ करो

रुक : जिस पत्तल में खाईं इसी में छेद करें

गई जवानी फिर न बाहोरे लाख मलीदा खाओ

जवानी एक दफ़ा जा कर फिर नहीं आती चाहे कुछ करो / ख़ाह कैसी ही ग़िज़ा खाओ

गई जवानी फिर न बाहोरे लाख मलीदा खाओ

जवानी एक दफ़ा जा कर फिर नहीं आती चाहे कुछ करो / ख़ाह कैसी ही ग़िज़ा खाओ

चूरा झाड़ खाओ लड्डू न तोड़ो

असल को बर्बाद नहीं करना चाहिये उस की आमदनी खानी चाहिये

संदर्भग्रंथ सूची: रेख़्ता डिक्शनरी में उपयोग किये गये स्रोतों की सूची देखें .

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