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lie to

क़दीम

give the lie to

झूओट बोलने का इलज़ाम लगाना

ला तनाही पर का ख़त

(ریاضی) اگر ایک خطِ مستقیم کی مساوت میں لا اور ما دونوں کے سر صفر ہوں تو خطِ مستقیم بالتمام لامتناہی فاصلہ پر ہوگا ، اس خط کو لاتناہی پر کا خط کہتے ہیں .

ओढ़ ली लोई तो क्या करेगा कोई

जब निर्लज्जता अपना ली तो फिर किस का डर

जब ओढ़ ली लोई तो क्या करेगा कोई

۔مثل۔ بے حیاج کو کسی کا خیال نہیں ہوتا۔

उतार ली मुँह को लोई तो क्या करेगा कोई

बेशर्म सब कुछ कर सकता है, लज्जाहीन से कोई बात दूर नहीं

पहले तो नाक काट ली फिर ताश को रूमाल से पोछ्ने लगे

पहले तो ज़लील किया फिर इज़्ज़त करने लगे

जब अपनी उतार ली तो दूसरे की उतारते की लगता है

बेहया दूसरे को ज़लील करने से नहीं हिचकिचाता

मकान ता ला-मकाँ

زمیں سے عرش تک ، مراد : کل عالم میں ۔

पहले लिख पीछे दे भूल पड़े तो काग़ज़ से ले

लेन देन में लिख लेने से भूल चूक नहीं होती, ज़बानी याददाश्त में ग़लती हो जाया करती है

लाए गा दारा तो खाए गी दारी, न लाए गा दारा तो पड़े गी ख़्वारी

पति कमा कर लाएगा तो पत्नी खाएगी, पति न कमाएगा तो फ़ाक़े होंगे

ज़ख़्मी दुश्मनों में दम ले तो मरे न ले तो मरे

हर हालत में बर्बादी है, बचने का रासता नहीं

आईना ले के मुँह तो देखो

तुम इसके योग्य नहीं कि यह काम पूरा कर सको, तुम्हारे पास इतनी योग्यता नहीं, तुम इसके पात्र नहीं

आईना ले के मुँह तो देखो

तुम इसके योग्य नहीं कि यह काम पूरा कर सको, तुम्हारे पास इतनी योग्यता नहीं, तुम इसके पात्र नहीं

मो को न तो को, ले भाड़ में झोको

ना ख़ुद अपने काम में য৒ब लाएंगेगे ना तुम्हें काम में लाने देंगे चाहे ज़ाए हो जाये तो हो जाये

गूह में कौड़ी गिरे तो दाँतों से उठा ले

ख़सीस और बख़ील आदमी के बारे में बोलते हैं

दागे के साँड तो दागे ले लोहार

जो काम हिस्स के लायक़ हो उसे ही करना चाहिए

पहले लिख पीछे दे फिर भूले तो काग़ज़ से ले

۔مقولہ۔ لین دین میں لکھ لینے سے بھوٗل چوک نہیں ہوتی۔

उतर गई लोई तो क्या करेगा कोई

मनुष्य निर्लज्जता चुन ले या निर्लज्ज हो जाए तो किसी का डर नहीं रहता, जब इज़्ज़त उतर जाती है या अपमानित हो जाता है तो मनुष्य निडर हो जाता है, धृष्ट या निर्लज्ज आदमी का कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता, लज्जाहीन व्यक्ति को किसी की परवाह नहीं होती

गू में कौड़ी गिरे तो दाँतों से उठा ले

۔ مثل یعنی ایسا بخیل ہے کہ نجاست کی بھی پروا نہیں کرتا۔

दिया है तो देख ले

दो अर्थ है= यदि तू ने दिया है तो यहीं होगा या चराग़ है तो ढ़ूँढ़ ले

अमीर ने गू खाया तो दवा के लए और ग़रीब ने खाया तो पेट भर ने के लिए

कोई बुरा काम अगर किसी धनवान से हो तो उसको अच्छा समझा जाता है और वही काम कोई निर्धन व्यक्ति करे तो उस पर लान-तान की जाती है

आ बड़े बाप की बेटी है तो पंजा कर ले

अगर हिम्मत है तो मुक़ाबले में आ, अगर दा'वा है तो प्रमाण दे

आ आ बड़े बाप की बेटी है तो पंजा कर ले

बहुत साहस है तो मुक़ाबले में या आमने सामने आ जा, यदि दावा है तो सिद्ध कर के दिखा, महिलाएं कोई गप उड़ाएं या बकवास करें तो कहते हैं

गधा गया तो गया रस्सी भी ले गया

बड़े नुक़्सान की पर्वा नहीं छोटे नुक़्सान का अफ़सोस है , एक नुक़्सान तो हुआ था, उस की वजह से दूसरा भी हुआ, चीज़ भी गई और दूसरा नुक़्सान भी हुआ

आटे का चराग़ घर रक्खूँ तो चूहा खाए, बाहर रक्खूँ तो काैवा ले जाए

हर तरह से कठिन है, किसी भी हालत में सुख नहीं

सांसा साएं मेट दे और ना मेटे को, जब हो काम संदेह का तो नाम उसी का लो

ईश्वर के अतिरिक्त कोई संशय दूर नहीं कर सकता, जब कोई ख़तरनाक जुरम करता हो अथवा दुविधा की बात है तो ईश्वर का स्मरण करना चाहिए

मेरी तो ले दे के सारी कमाई यही हे

(अविर) एक या दो बच्चों वाली औरत कहती है और है से पहले उन का नाम या तादाद बयान करती है

पहले तोलो फिर मुँह से बोलो

बात करने से पहले सोच लेना चाहिए

आरसी तो हाथ में लो

मित्र से प्रेमावेग और प्रेम-व्यवहार के समय मज़ाक़ में कहते हैं

जनम पत्री की विध तो मिला लो

काम सोच समझ कर करो, जल्दी न करो

शो'ला ता चर्ख़-ए-बरीं जाना

शोला बहुत ऊँचा उठना

कोई भी माँ के पेट से तो ले कर नहीं निकलता है

हर व्यक्ति को सीखना पड़ता है, जन्मजात विद्वान कोई नहीं होता, काम करने से ही आता है, कोई माँ के पेट से सीख कर नहीं आता

शम' ले कर ढूँढिए तो पता नहीं

कमाल जुस्तजू के बाद भी दस्तयाब नहीं होता, कमयाब चीज़ या शख़्स की निसबत कहते हैं

नाक तो कटी पर वो भी मर लिए

۔ (دہلی) طنزاً۔ ہمارا تھوڑا نقصان دوسرے کے بڑے نقصان کا باعث ہوا۔

गौरा रुठेगी तो अपना सुहाग लेगी, भाग तो न लेगी

अपनी आत्मनिर्भरता प्रकट करने के लिए एक ऐसे व्यक्ति का कहना, जिसका मालिक या आश्रयदाता उससे अप्रसन्न हो गया हो और अलग कर देने की धमकी दे रहा हो

आया कुत्ता ले गया तू बैठी ढोल बजा

लापरवाही के कारण नुक़सान हो गया

तो को न मो को ले चूल्हे में झोंको

जब कोई चीज़ अपने या किसी और के काम की न रहे तो बोलते हैं, चीज़ को ऐसा बर्बाद करना जो किसी काम की न रहे

हम तो डूबे हैं मगर यार को ले डूबेंगे

दूसरों को मुसीबत में अपने साथ फंसाना

अपनी तो ख़बर लो फिर दूसरे की कहना

दूसरों पर आपत्ति जताने से पहले अपने दोषों पर भी गौर करना जरूरी है

कोई भी तो माँ के पेट से 'इल्म ले कर नहीं निकलता

सीखा सिखाया कोई नहीं पैदा होता, काम सीखने ही से आता है

मैं तो डूबा मगर तुझ को भी ले डूबूँगा

मुझ पर तो आफ़त आई है तुझ को भी सलामत न छोड़ूँगा

जाट कहे सुन जाटनी या ही गाँव में रहना, ऊँट बिलय्या ले गई तो हाँ जी हाँ जी कहना

बस्ती वालों का साथ देकर ही वहाँ रहा जा सकता है

आप डूबे तो डूबे और को भी ले डूबे

स्वयं को हानि पहुँचाने के साथ दूसरों को भी हानि पहुँचाई

हम तो डूबे हैं सनम तुम को भी ले डूबेंगे

हम ख़ुद तो फँसे हैं तुम को भी फँसाएगे, इसका उपयोग तब किया जाता है जब यह कहा जाता है कि एक व्यक्ति स्वयं मुसीबत में है और दूसरों को भी मुसीबत मे डालेगा

lie to के लिए उर्दू शब्द

lie to

lie to के देवनागरी में उर्दू अर्थ

अकर्मक क्रिया, क्रिया

  • (जहाज़रानी) जहाज़ का तक़रीबन इस तरह साकन होना कि इस का सिरा जहां तक मुम्किन हो हुआ के रुख़ से क़रीब हो

lie to کے اردو معانی

فعل لازم، فعل

  • (جہاز رانی) جہاز کا تقریباً اس طرح ساکن ہونا کہ اس کا سرا جہاں تک ممکن ہو ہوا کے رخ سے قریب ہو

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क़दीम

give the lie to

झूओट बोलने का इलज़ाम लगाना

ला तनाही पर का ख़त

(ریاضی) اگر ایک خطِ مستقیم کی مساوت میں لا اور ما دونوں کے سر صفر ہوں تو خطِ مستقیم بالتمام لامتناہی فاصلہ پر ہوگا ، اس خط کو لاتناہی پر کا خط کہتے ہیں .

ओढ़ ली लोई तो क्या करेगा कोई

जब निर्लज्जता अपना ली तो फिर किस का डर

जब ओढ़ ली लोई तो क्या करेगा कोई

۔مثل۔ بے حیاج کو کسی کا خیال نہیں ہوتا۔

उतार ली मुँह को लोई तो क्या करेगा कोई

बेशर्म सब कुछ कर सकता है, लज्जाहीन से कोई बात दूर नहीं

पहले तो नाक काट ली फिर ताश को रूमाल से पोछ्ने लगे

पहले तो ज़लील किया फिर इज़्ज़त करने लगे

जब अपनी उतार ली तो दूसरे की उतारते की लगता है

बेहया दूसरे को ज़लील करने से नहीं हिचकिचाता

मकान ता ला-मकाँ

زمیں سے عرش تک ، مراد : کل عالم میں ۔

पहले लिख पीछे दे भूल पड़े तो काग़ज़ से ले

लेन देन में लिख लेने से भूल चूक नहीं होती, ज़बानी याददाश्त में ग़लती हो जाया करती है

लाए गा दारा तो खाए गी दारी, न लाए गा दारा तो पड़े गी ख़्वारी

पति कमा कर लाएगा तो पत्नी खाएगी, पति न कमाएगा तो फ़ाक़े होंगे

ज़ख़्मी दुश्मनों में दम ले तो मरे न ले तो मरे

हर हालत में बर्बादी है, बचने का रासता नहीं

आईना ले के मुँह तो देखो

तुम इसके योग्य नहीं कि यह काम पूरा कर सको, तुम्हारे पास इतनी योग्यता नहीं, तुम इसके पात्र नहीं

आईना ले के मुँह तो देखो

तुम इसके योग्य नहीं कि यह काम पूरा कर सको, तुम्हारे पास इतनी योग्यता नहीं, तुम इसके पात्र नहीं

मो को न तो को, ले भाड़ में झोको

ना ख़ुद अपने काम में য৒ब लाएंगेगे ना तुम्हें काम में लाने देंगे चाहे ज़ाए हो जाये तो हो जाये

गूह में कौड़ी गिरे तो दाँतों से उठा ले

ख़सीस और बख़ील आदमी के बारे में बोलते हैं

दागे के साँड तो दागे ले लोहार

जो काम हिस्स के लायक़ हो उसे ही करना चाहिए

पहले लिख पीछे दे फिर भूले तो काग़ज़ से ले

۔مقولہ۔ لین دین میں لکھ لینے سے بھوٗل چوک نہیں ہوتی۔

उतर गई लोई तो क्या करेगा कोई

मनुष्य निर्लज्जता चुन ले या निर्लज्ज हो जाए तो किसी का डर नहीं रहता, जब इज़्ज़त उतर जाती है या अपमानित हो जाता है तो मनुष्य निडर हो जाता है, धृष्ट या निर्लज्ज आदमी का कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता, लज्जाहीन व्यक्ति को किसी की परवाह नहीं होती

गू में कौड़ी गिरे तो दाँतों से उठा ले

۔ مثل یعنی ایسا بخیل ہے کہ نجاست کی بھی پروا نہیں کرتا۔

दिया है तो देख ले

दो अर्थ है= यदि तू ने दिया है तो यहीं होगा या चराग़ है तो ढ़ूँढ़ ले

अमीर ने गू खाया तो दवा के लए और ग़रीब ने खाया तो पेट भर ने के लिए

कोई बुरा काम अगर किसी धनवान से हो तो उसको अच्छा समझा जाता है और वही काम कोई निर्धन व्यक्ति करे तो उस पर लान-तान की जाती है

आ बड़े बाप की बेटी है तो पंजा कर ले

अगर हिम्मत है तो मुक़ाबले में आ, अगर दा'वा है तो प्रमाण दे

आ आ बड़े बाप की बेटी है तो पंजा कर ले

बहुत साहस है तो मुक़ाबले में या आमने सामने आ जा, यदि दावा है तो सिद्ध कर के दिखा, महिलाएं कोई गप उड़ाएं या बकवास करें तो कहते हैं

गधा गया तो गया रस्सी भी ले गया

बड़े नुक़्सान की पर्वा नहीं छोटे नुक़्सान का अफ़सोस है , एक नुक़्सान तो हुआ था, उस की वजह से दूसरा भी हुआ, चीज़ भी गई और दूसरा नुक़्सान भी हुआ

आटे का चराग़ घर रक्खूँ तो चूहा खाए, बाहर रक्खूँ तो काैवा ले जाए

हर तरह से कठिन है, किसी भी हालत में सुख नहीं

सांसा साएं मेट दे और ना मेटे को, जब हो काम संदेह का तो नाम उसी का लो

ईश्वर के अतिरिक्त कोई संशय दूर नहीं कर सकता, जब कोई ख़तरनाक जुरम करता हो अथवा दुविधा की बात है तो ईश्वर का स्मरण करना चाहिए

मेरी तो ले दे के सारी कमाई यही हे

(अविर) एक या दो बच्चों वाली औरत कहती है और है से पहले उन का नाम या तादाद बयान करती है

पहले तोलो फिर मुँह से बोलो

बात करने से पहले सोच लेना चाहिए

आरसी तो हाथ में लो

मित्र से प्रेमावेग और प्रेम-व्यवहार के समय मज़ाक़ में कहते हैं

जनम पत्री की विध तो मिला लो

काम सोच समझ कर करो, जल्दी न करो

शो'ला ता चर्ख़-ए-बरीं जाना

शोला बहुत ऊँचा उठना

कोई भी माँ के पेट से तो ले कर नहीं निकलता है

हर व्यक्ति को सीखना पड़ता है, जन्मजात विद्वान कोई नहीं होता, काम करने से ही आता है, कोई माँ के पेट से सीख कर नहीं आता

शम' ले कर ढूँढिए तो पता नहीं

कमाल जुस्तजू के बाद भी दस्तयाब नहीं होता, कमयाब चीज़ या शख़्स की निसबत कहते हैं

नाक तो कटी पर वो भी मर लिए

۔ (دہلی) طنزاً۔ ہمارا تھوڑا نقصان دوسرے کے بڑے نقصان کا باعث ہوا۔

गौरा रुठेगी तो अपना सुहाग लेगी, भाग तो न लेगी

अपनी आत्मनिर्भरता प्रकट करने के लिए एक ऐसे व्यक्ति का कहना, जिसका मालिक या आश्रयदाता उससे अप्रसन्न हो गया हो और अलग कर देने की धमकी दे रहा हो

आया कुत्ता ले गया तू बैठी ढोल बजा

लापरवाही के कारण नुक़सान हो गया

तो को न मो को ले चूल्हे में झोंको

जब कोई चीज़ अपने या किसी और के काम की न रहे तो बोलते हैं, चीज़ को ऐसा बर्बाद करना जो किसी काम की न रहे

हम तो डूबे हैं मगर यार को ले डूबेंगे

दूसरों को मुसीबत में अपने साथ फंसाना

अपनी तो ख़बर लो फिर दूसरे की कहना

दूसरों पर आपत्ति जताने से पहले अपने दोषों पर भी गौर करना जरूरी है

कोई भी तो माँ के पेट से 'इल्म ले कर नहीं निकलता

सीखा सिखाया कोई नहीं पैदा होता, काम सीखने ही से आता है

मैं तो डूबा मगर तुझ को भी ले डूबूँगा

मुझ पर तो आफ़त आई है तुझ को भी सलामत न छोड़ूँगा

जाट कहे सुन जाटनी या ही गाँव में रहना, ऊँट बिलय्या ले गई तो हाँ जी हाँ जी कहना

बस्ती वालों का साथ देकर ही वहाँ रहा जा सकता है

आप डूबे तो डूबे और को भी ले डूबे

स्वयं को हानि पहुँचाने के साथ दूसरों को भी हानि पहुँचाई

हम तो डूबे हैं सनम तुम को भी ले डूबेंगे

हम ख़ुद तो फँसे हैं तुम को भी फँसाएगे, इसका उपयोग तब किया जाता है जब यह कहा जाता है कि एक व्यक्ति स्वयं मुसीबत में है और दूसरों को भी मुसीबत मे डालेगा

संदर्भग्रंथ सूची: रेख़्ता डिक्शनरी में उपयोग किये गये स्रोतों की सूची देखें .

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