खोजे गए परिणाम

सहेजे गए शब्द

"to go to dogs" शब्द से संबंधित परिणाम

to go to dogs

go to press

तबाअत शुरू करना

to go

go to sea

समुंद्री सफ़र इख़तीअर करना

go to the wall

किसी मुक़ाबले में बुरी हालत होना

go to the bad

बुरी सुहबत

go to war

लड़ना

गू में कौड़ी गिरे तो दाँतों से उठाए

बहुत हरीस और बख़ील आदमी की निसबत कहते हैं, बहुत कंजूस है, फ़ायदे के लिए ज़लील काम करने पर भी तैय्यार है

गू में कौड़ी गिरे तो दाँतों से उठा ले

۔ مثل یعنی ایسا بخیل ہے کہ نجاست کی بھی پروا نہیں کرتا۔

गू में कौड़ी गिरे तो दाँतों से उठाता है

बहुत हरीस और बख़ील आदमी की निसबत कहते हैं, बहुत कंजूस है, फ़ायदे के लिए ज़लील काम करने पर भी तैय्यार है

अमीर ने गू खाया तो दवा के लए और ग़रीब ने खाया तो पेट भर ने के लिए

कोई बुरा काम अगर किसी धनवान से हो तो उसको अच्छा समझा जाता है और वही काम कोई निर्धन व्यक्ति करे तो उस पर लान-तान की जाती है

नाक न हो तो गू खाएँ

महिलाओं की निंदा में प्रयुक्त, अर्थात अगर इज़्ज़त की परवाह न हो तो ख़राब से ख़राब बैठें

गू में कौड़ी गिरी तो दाँतों से उठा लूँगा

अपना हक़ ना छोड़ोंगा, कोड़ी कोड़ी वसूल करूंगा

'औरत की नाक न होती तो गू खाती

औरत आधी अक़्ल होती है

गूह में कौड़ी गिरे तो दाँतों से उठा लें

ख़सीस और बख़ील आदमी के बारे में बोलते हैं

गूह में कौड़ी गिरे तो दाँतों से उठा ले

ख़सीस और बख़ील आदमी के बारे में बोलते हैं

गुह में कौड़ी गिरे तो दाँत से उठा लेना

कोड़ी कोड़ी वसूल करना, अपना हक़ ना छोड़ना

नाक न हो तो गुह खाएँ

आबरू की पर्वा ना करें (औरतों की बद अकली के इज़हार के लिए मुस्तामल)

रोज़ा रक्खा रक्खा आख़िर खोला तो गूह से

लड़की को अच्छ्াी जगह चूड़ कर बुरी जगह ब्याह लेना , देर में सोच सोच कर क़दम उठाया वो भी ग़लत

रंडी के नाक न होती तो वो गूह खाती फिरती

औरत बहुत बेवक़ूफ़ होती है

मेंह बरसे गा तो बौछाड़ तो आएगी

आपके अपनों के पास धन है तो कुछ न कुछ लाभ हो ही जाएगा

लाए गा दारा तो खाए गी दारी, न लाए गा दारा तो पड़े गी ख़्वारी

पति कमा कर लाएगा तो पत्नी खाएगी, पति न कमाएगा तो फ़ाक़े होंगे

तेरे तो कुछ लछन से झड़ गए हैं

तेरे बुरे दिन आ पहुंचे हैं , तेरे चेहरे की रौनक जाती रही

सौ दिल्ली उजड़ गई तो भी सवा लाख हाथी

इतनी बार बर्बाद होने के बाद भी दिल्ली में अभी भी बहुत दौलत है

खाते तो खा गए पर अब उँगलना पड़ा

अब माल फेरना पड़ा

मिल गई तो रोज़ी वर्ना रोज़ा

अगर मज़दूरी या काम से पारिश्रमिक मिल गया तो गुज़ारा हो जाएगा वर्ना भूखा रहना पड़ेगा

गंगा गए तो गंगा-राम जमना गए तो जमना-दास

अवसरवादी और परिस्थिति के अनुसार अपने तरीक़े बदलने वाले व्यक्ति के बारे में बोलते हैं

धड़ी भर का सर तो हिला दिया , पैसा भर की ज़बान न हिलाई गई

सर हिला दिया, मुँह से जवाब ना दिया

भूले बाहमन गाए खाई अब खाऊँ तो राम दुहाई

इस बार चूक हुई भविष्य में कभी न होगी

भूले बामन गाए खाई अब खाऊँ तो राम दुहाई

इस बार चूक हुई भविष्य में कभी न होगी

मुँह की गई लोई, तो क्या करेगा कोई

मनुष्य निर्लज्जता चुन ले या निर्लज्ज हो जाए तो किसी का डर नहीं रहता, जब इज़्ज़त उतर जाती है या अपमानित हो जाता है तो मनुष्य निडर हो जाता है, धृष्ट या निर्लज्ज आदमी का कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता, लज्जाहीन व्यक्ति को किसी की परवाह नहीं होती

मुँह की गई लोई, तो क्या करेगा कोई

निर्लज्ज को किसी की परवाह नहीं होती

दमड़ी की हाँडी गई तो कुत्ते की ज़ात पहचानी

हानि तो हुई परंतु अनुभव तो प्राप्त हुआ, थोड़ी सी हानि हुईतो कोई बात नहीं है वास्तविक्ता का पता तो चला

उतर गई लोई, तो क्या करेगा कोई

निर्लज्ज को किसी की परवाह नहीं होती

उतर गई लोई तो क्या करेगा कोई

मनुष्य निर्लज्जता चुन ले या निर्लज्ज हो जाए तो किसी का डर नहीं रहता, जब इज़्ज़त उतर जाती है या अपमानित हो जाता है तो मनुष्य निडर हो जाता है, धृष्ट या निर्लज्ज आदमी का कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता, लज्जाहीन व्यक्ति को किसी की परवाह नहीं होती

कुतिया चोरों मिल गई तो पहरा देवे कौन

अपने दुश्मन हो जाएँ तो बचाव कठिन है, रक्षक ही हानि पहुँचाए तो कोई नहीं बचा सकता

माँग जाँच के गए झाँझा , माँग लें तो लगे लाजा

अगर दे दें तो ग़ुस्सा आए, अगर वापिस ले ले तो श्रम आए, इस के मुताल्लिक़ कहते हैं जो कोई चीज़ मजबूरन दे

कुतिया चोरों से मिल गई तो मदत आवे कौन

मुहाफ़िज़ ही नुक़्सान पहुंचाए तो फिर बचाओ कैसा

कुतिया चोरों से मिल गई तो पहरा देवे कौन

मुहाफ़िज़ ही नुक़्सान पहुंचाए तो फिर बचाओ कैसा

ज़ुलैख़ा तो सारी पढ़ गए पर ये न जाना कि वो 'औरत थी या मर्द

किसी बात या घटना को प्रारंभ से अंत तक सुनना या पढ़ना किन्तु इस पर बिल्कुल ध्यान न देना

आरे सर पर चल गए तो भी मदार ही मदार

तकालीफ़-ओ-मसाइब बर्दाश्त करने पर भी अपने इरादे और अक़ीदे से बाज़ नहीं आए

सर पर आरी चल गई तो भी मदार ही मदार

सख़्त तकलीफ़ उठाई फिर भी अपनी हिट पर क़ायम रहा

सर पर आरे चल गए तो भी मदार ही मदार

सख़्त तकलीफ़ उठाई फिर भी अपनी हिट पर क़ायम रहा

गाय न हो तो बैल दूहो

कुछ न कुछ धंधा करते रहो

लाग गई तो लाज कहाँ है

जब दिल किसी पर आजाता है तो श्रम-ओ-हया का लिहाज़ कम रहता है

बारह में तीन गए तो रही ख़ाक

वर्षा तीन महीने होती है यदि इन तीन महीनों में न हो तो ज़मीनदार उजड़ अर्थात बर्बाद हो जाता है

अपनी नाक कटी तो कटी पराई बद-शुगूनी तो हो गई

अपना नुक़्सान या रुसवाई हुई तो क्या, दुश्मन को तो तकलीफ़ पहुँच गई

मेंह बरसे गा तो ओलती टपके गी

अपने अज़ीज़ों के पास दौलत होगी तो कुछ ना कुछ फ़ायदा हो ही जाएगा

कुतिया चोरों मिल गई तो पहरा कौन दे

अपने दुश्मन हो जाएँ तो बचाव कठिन है, रक्षक ही हानि पहुँचाए तो कोई नहीं बचा सकता

नानी तो कवारी ही मर गई नवासी के सौ सौ बान

بان شادی سے پہلے نہانے کو کہتے ہیں، نو دولت کے متعلق کہتے ہیں

बारह में तीन गए तो रहे क्या ख़ाक

वर्षा तीन महीने होती है यदि इन तीन महीनों में न हो तो ज़मीनदार उजड़ अर्थात बर्बाद हो जाता है

गाय जब दूब से सुलूक करे तो खाए क्या

दूसरों का लिहाज़ करने वाला हानि उठाता है

कुतिया चोरों से मिल गई तो पहरा कौन दे

अपने दुश्मन हो जाएँ तो बचाव कठिन है, रक्षक ही हानि पहुँचाए तो कोई नहीं बचा सकता

मेंह बरसे गा तो आही रहेगी

अपने अज़ीज़ों के पास दौलत होगी तो कुछ ना कुछ फ़ायदा हो ही जाएगा

आँखें तो खुली रह गईं और मर गई बकरी

अप्रत्याशित रूप से किसी घटना का घटित हो जाना, अचानक मौत आ गई

रही तो आप से गई तो सगे बाप से

रुक : ''रहे तो आप से और ना रहे तो सगे बाप से''

नाक तो कटी पर वो भी मर गए

(طنزاً) تھوڑا نقصان ہوا پر ان کا زیادہ نقصان ہوا ، ہمارا تھوڑا نقصان دوسرے کے بڑے نقصان کا باعث ہوا

आईना तो मुयस्सर न हुआ होगा चपनी में मूत के देख

अगर कोई कुरूप व्यक्ति किसी चंचल स्त्री से मज़ाक़ करे तो वो कहती है

ये तो कबीर भी कह गए हैं

ये तो मुस्लिमा बात है, ये बात तो और सब बुज़ुर्गों की तस्लीम की हुई है, उसे तो आरिफ़ बिल्लाह भी मानते हैं ये तो मानी हुई और तस्लीम की हुई बात है

मेंह बरसेगा तो ओलती टपके गी ही

रुक : मीना बरसेगा तो औलती टपकेगी

to go to dogs के लिए उर्दू शब्द

to go to dogs

to go to dogs के देवनागरी में उर्दू अर्थ

  • (मुहावरा) तबाह होना
  • जहन्नुम रसीद होना
  • बर्बाद होना

to go to dogs کے اردو معانی

  • (محاورہ) تباہ ہونا
  • جہنم رسید ہونا
  • برباد ہونا

खोजे गए शब्द से संबंधित

to go to dogs

go to press

तबाअत शुरू करना

to go

go to sea

समुंद्री सफ़र इख़तीअर करना

go to the wall

किसी मुक़ाबले में बुरी हालत होना

go to the bad

बुरी सुहबत

go to war

लड़ना

गू में कौड़ी गिरे तो दाँतों से उठाए

बहुत हरीस और बख़ील आदमी की निसबत कहते हैं, बहुत कंजूस है, फ़ायदे के लिए ज़लील काम करने पर भी तैय्यार है

गू में कौड़ी गिरे तो दाँतों से उठा ले

۔ مثل یعنی ایسا بخیل ہے کہ نجاست کی بھی پروا نہیں کرتا۔

गू में कौड़ी गिरे तो दाँतों से उठाता है

बहुत हरीस और बख़ील आदमी की निसबत कहते हैं, बहुत कंजूस है, फ़ायदे के लिए ज़लील काम करने पर भी तैय्यार है

अमीर ने गू खाया तो दवा के लए और ग़रीब ने खाया तो पेट भर ने के लिए

कोई बुरा काम अगर किसी धनवान से हो तो उसको अच्छा समझा जाता है और वही काम कोई निर्धन व्यक्ति करे तो उस पर लान-तान की जाती है

नाक न हो तो गू खाएँ

महिलाओं की निंदा में प्रयुक्त, अर्थात अगर इज़्ज़त की परवाह न हो तो ख़राब से ख़राब बैठें

गू में कौड़ी गिरी तो दाँतों से उठा लूँगा

अपना हक़ ना छोड़ोंगा, कोड़ी कोड़ी वसूल करूंगा

'औरत की नाक न होती तो गू खाती

औरत आधी अक़्ल होती है

गूह में कौड़ी गिरे तो दाँतों से उठा लें

ख़सीस और बख़ील आदमी के बारे में बोलते हैं

गूह में कौड़ी गिरे तो दाँतों से उठा ले

ख़सीस और बख़ील आदमी के बारे में बोलते हैं

गुह में कौड़ी गिरे तो दाँत से उठा लेना

कोड़ी कोड़ी वसूल करना, अपना हक़ ना छोड़ना

नाक न हो तो गुह खाएँ

आबरू की पर्वा ना करें (औरतों की बद अकली के इज़हार के लिए मुस्तामल)

रोज़ा रक्खा रक्खा आख़िर खोला तो गूह से

लड़की को अच्छ्াी जगह चूड़ कर बुरी जगह ब्याह लेना , देर में सोच सोच कर क़दम उठाया वो भी ग़लत

रंडी के नाक न होती तो वो गूह खाती फिरती

औरत बहुत बेवक़ूफ़ होती है

मेंह बरसे गा तो बौछाड़ तो आएगी

आपके अपनों के पास धन है तो कुछ न कुछ लाभ हो ही जाएगा

लाए गा दारा तो खाए गी दारी, न लाए गा दारा तो पड़े गी ख़्वारी

पति कमा कर लाएगा तो पत्नी खाएगी, पति न कमाएगा तो फ़ाक़े होंगे

तेरे तो कुछ लछन से झड़ गए हैं

तेरे बुरे दिन आ पहुंचे हैं , तेरे चेहरे की रौनक जाती रही

सौ दिल्ली उजड़ गई तो भी सवा लाख हाथी

इतनी बार बर्बाद होने के बाद भी दिल्ली में अभी भी बहुत दौलत है

खाते तो खा गए पर अब उँगलना पड़ा

अब माल फेरना पड़ा

मिल गई तो रोज़ी वर्ना रोज़ा

अगर मज़दूरी या काम से पारिश्रमिक मिल गया तो गुज़ारा हो जाएगा वर्ना भूखा रहना पड़ेगा

गंगा गए तो गंगा-राम जमना गए तो जमना-दास

अवसरवादी और परिस्थिति के अनुसार अपने तरीक़े बदलने वाले व्यक्ति के बारे में बोलते हैं

धड़ी भर का सर तो हिला दिया , पैसा भर की ज़बान न हिलाई गई

सर हिला दिया, मुँह से जवाब ना दिया

भूले बाहमन गाए खाई अब खाऊँ तो राम दुहाई

इस बार चूक हुई भविष्य में कभी न होगी

भूले बामन गाए खाई अब खाऊँ तो राम दुहाई

इस बार चूक हुई भविष्य में कभी न होगी

मुँह की गई लोई, तो क्या करेगा कोई

मनुष्य निर्लज्जता चुन ले या निर्लज्ज हो जाए तो किसी का डर नहीं रहता, जब इज़्ज़त उतर जाती है या अपमानित हो जाता है तो मनुष्य निडर हो जाता है, धृष्ट या निर्लज्ज आदमी का कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता, लज्जाहीन व्यक्ति को किसी की परवाह नहीं होती

मुँह की गई लोई, तो क्या करेगा कोई

निर्लज्ज को किसी की परवाह नहीं होती

दमड़ी की हाँडी गई तो कुत्ते की ज़ात पहचानी

हानि तो हुई परंतु अनुभव तो प्राप्त हुआ, थोड़ी सी हानि हुईतो कोई बात नहीं है वास्तविक्ता का पता तो चला

उतर गई लोई, तो क्या करेगा कोई

निर्लज्ज को किसी की परवाह नहीं होती

उतर गई लोई तो क्या करेगा कोई

मनुष्य निर्लज्जता चुन ले या निर्लज्ज हो जाए तो किसी का डर नहीं रहता, जब इज़्ज़त उतर जाती है या अपमानित हो जाता है तो मनुष्य निडर हो जाता है, धृष्ट या निर्लज्ज आदमी का कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता, लज्जाहीन व्यक्ति को किसी की परवाह नहीं होती

कुतिया चोरों मिल गई तो पहरा देवे कौन

अपने दुश्मन हो जाएँ तो बचाव कठिन है, रक्षक ही हानि पहुँचाए तो कोई नहीं बचा सकता

माँग जाँच के गए झाँझा , माँग लें तो लगे लाजा

अगर दे दें तो ग़ुस्सा आए, अगर वापिस ले ले तो श्रम आए, इस के मुताल्लिक़ कहते हैं जो कोई चीज़ मजबूरन दे

कुतिया चोरों से मिल गई तो मदत आवे कौन

मुहाफ़िज़ ही नुक़्सान पहुंचाए तो फिर बचाओ कैसा

कुतिया चोरों से मिल गई तो पहरा देवे कौन

मुहाफ़िज़ ही नुक़्सान पहुंचाए तो फिर बचाओ कैसा

ज़ुलैख़ा तो सारी पढ़ गए पर ये न जाना कि वो 'औरत थी या मर्द

किसी बात या घटना को प्रारंभ से अंत तक सुनना या पढ़ना किन्तु इस पर बिल्कुल ध्यान न देना

आरे सर पर चल गए तो भी मदार ही मदार

तकालीफ़-ओ-मसाइब बर्दाश्त करने पर भी अपने इरादे और अक़ीदे से बाज़ नहीं आए

सर पर आरी चल गई तो भी मदार ही मदार

सख़्त तकलीफ़ उठाई फिर भी अपनी हिट पर क़ायम रहा

सर पर आरे चल गए तो भी मदार ही मदार

सख़्त तकलीफ़ उठाई फिर भी अपनी हिट पर क़ायम रहा

गाय न हो तो बैल दूहो

कुछ न कुछ धंधा करते रहो

लाग गई तो लाज कहाँ है

जब दिल किसी पर आजाता है तो श्रम-ओ-हया का लिहाज़ कम रहता है

बारह में तीन गए तो रही ख़ाक

वर्षा तीन महीने होती है यदि इन तीन महीनों में न हो तो ज़मीनदार उजड़ अर्थात बर्बाद हो जाता है

अपनी नाक कटी तो कटी पराई बद-शुगूनी तो हो गई

अपना नुक़्सान या रुसवाई हुई तो क्या, दुश्मन को तो तकलीफ़ पहुँच गई

मेंह बरसे गा तो ओलती टपके गी

अपने अज़ीज़ों के पास दौलत होगी तो कुछ ना कुछ फ़ायदा हो ही जाएगा

कुतिया चोरों मिल गई तो पहरा कौन दे

अपने दुश्मन हो जाएँ तो बचाव कठिन है, रक्षक ही हानि पहुँचाए तो कोई नहीं बचा सकता

नानी तो कवारी ही मर गई नवासी के सौ सौ बान

بان شادی سے پہلے نہانے کو کہتے ہیں، نو دولت کے متعلق کہتے ہیں

बारह में तीन गए तो रहे क्या ख़ाक

वर्षा तीन महीने होती है यदि इन तीन महीनों में न हो तो ज़मीनदार उजड़ अर्थात बर्बाद हो जाता है

गाय जब दूब से सुलूक करे तो खाए क्या

दूसरों का लिहाज़ करने वाला हानि उठाता है

कुतिया चोरों से मिल गई तो पहरा कौन दे

अपने दुश्मन हो जाएँ तो बचाव कठिन है, रक्षक ही हानि पहुँचाए तो कोई नहीं बचा सकता

मेंह बरसे गा तो आही रहेगी

अपने अज़ीज़ों के पास दौलत होगी तो कुछ ना कुछ फ़ायदा हो ही जाएगा

आँखें तो खुली रह गईं और मर गई बकरी

अप्रत्याशित रूप से किसी घटना का घटित हो जाना, अचानक मौत आ गई

रही तो आप से गई तो सगे बाप से

रुक : ''रहे तो आप से और ना रहे तो सगे बाप से''

नाक तो कटी पर वो भी मर गए

(طنزاً) تھوڑا نقصان ہوا پر ان کا زیادہ نقصان ہوا ، ہمارا تھوڑا نقصان دوسرے کے بڑے نقصان کا باعث ہوا

आईना तो मुयस्सर न हुआ होगा चपनी में मूत के देख

अगर कोई कुरूप व्यक्ति किसी चंचल स्त्री से मज़ाक़ करे तो वो कहती है

ये तो कबीर भी कह गए हैं

ये तो मुस्लिमा बात है, ये बात तो और सब बुज़ुर्गों की तस्लीम की हुई है, उसे तो आरिफ़ बिल्लाह भी मानते हैं ये तो मानी हुई और तस्लीम की हुई बात है

मेंह बरसेगा तो ओलती टपके गी ही

रुक : मीना बरसेगा तो औलती टपकेगी

संदर्भग्रंथ सूची: रेख़्ता डिक्शनरी में उपयोग किये गये स्रोतों की सूची देखें .

सुझाव दीजिए (to go to dogs)

नाम

ई-मेल

प्रतिक्रिया

to go to dogs

चित्र अपलोड कीजिएअधिक जानिए

नाम

ई-मेल

प्रदर्शित नाम

चित्र संलग्न कीजिए

चित्र चुनिए
(format .png, .jpg, .jpeg & max size 4MB and upto 4 images)

सूचनाएँ और जानकारी प्राप्त करने के लिए सदस्यता लें

सदस्य बनिए
बोलिए

Delete 44 saved words?

क्या आप वास्तव में इन प्रविष्टियों को हटा रहे हैं? इन्हें पुन: पूर्ववत् करना संभव नहीं होगा

Want to show word meaning

Do you really want to Show these meaning? This process cannot be undone